आरक्षण के लिए क्या महज यह कह देना ही काफी है कि इस तबका का शोषण हुआ है?

सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नति में आरक्षण पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कहना था— यह तबका 1000 से अधिक सालों से प्रताड़ना झेल रहा है। एससी-एसटी पहले से ही पिछड़े हैं इसलिए प्रोन्नति में आरक्षण देने के लिए अलग से किसी आंकड़े की जरूरत नहीं है। कमाल […]

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एससीएसटी एक्ट समाज के लिए कैंसर तो मीडिया के लिए सेंसर है…

खबर कुछ दिन पुरानी है लेकिन अब एससीएसटी एक्ट के दुरुपयोग वाली ऐसी खबरों की आदत डाल लीजिए। खबर पढ़ने पर आपकी तो सिर्फ सुबह खराब होगी, खबर बनने वाले की जिंदगी खराब होनी तय समझिए। यह आशंका हमने तभी जाहिर की थी कि जब सुप्रीम कोर्ट को दरकिनार कर यह एक्ट लाया गया। हमने […]

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इस हालात में नोटा न दबाएं तो क्या करें?

यह कर्नल वीएस चौहान हैं। नोएडा के सेक्टर-29 में रहते हैं। इनके पड़ोस में एक महिला रहती हैं। पति एडीएम हैं बावजूद वह आज भी दलित ही हैं जैसा कि देश में अभी आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि जाति देखकर कोई गरीब समझा जाता है और अपराध नहीं जाति देखकर सजा दी जाती है…। खैर! […]

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जातिवाद की राजनीति के खिलाफ नोटा दबाइए…

देश में अभी 4900 के करीब सांसद और विधायक हैं। इसमें से सवर्णों के लिए या कहें कि एक देश-एक कानून के लिए आवाज कितनों ने उठाई? बस दो विधायकों ने जातिवादी एससी-एसटी कानून के खिलाफ मुंह खोला। सांसदों ने तो एक भी नहीं…। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपने देश में कितने सवर्ण सांसद, […]

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यह सवर्ण 1000 वर्षों का हिसाब चुकाने के लिए तैयार है !

हम जन्म से हिंदू हैं। यह मेरा धर्म है, मेरी संस्कृति है किंतु हमें किसी अन्य के मुस्लिम, इसाई होने से भी कोई दिक्कत नहीं है। हम ब्राह्मण हैं। यह मेरी जाति है, इससे मेरा संस्कार है​ किंतु हम जातिवादी नहीं हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं कि अन्य किस जाति के हैं। किंतु, क्या […]

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