आरक्षण के लिए क्या महज यह कह देना ही काफी है कि इस तबका का शोषण हुआ है?

सुप्रीम कोर्ट में प्रोन्नति में आरक्षण पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कहना था— यह तबका 1000 से अधिक सालों से प्रताड़ना झेल रहा है। एससी-एसटी पहले से ही पिछड़े हैं इसलिए प्रोन्नति में आरक्षण देने के लिए अलग से किसी आंकड़े की जरूरत नहीं है। कमाल […]

Continue Reading

देश से सवर्णों को मिटाने की राजनीति !

उत्तर प्रदेश में मायावती ने नारा दिया था— तिलक, तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार। तिलक माने कि ब्राह्मण। तराजू माने कि बनिया और तलवार यानी कि क्षत्रिय। इन सभी को जूते मारो! क्या बात है! इतनी नफरत? एक दलित नेता साफ तौर पर सवर्णों को जूते मारने के लिए कह रही है और […]

Continue Reading

यह सवर्ण 1000 वर्षों का हिसाब चुकाने के लिए तैयार है !

हम जन्म से हिंदू हैं। यह मेरा धर्म है, मेरी संस्कृति है किंतु हमें किसी अन्य के मुस्लिम, इसाई होने से भी कोई दिक्कत नहीं है। हम ब्राह्मण हैं। यह मेरी जाति है, इससे मेरा संस्कार है​ किंतु हम जातिवादी नहीं हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं कि अन्य किस जाति के हैं। किंतु, क्या […]

Continue Reading