Mrityunjay Tripathi I मृत्युंजय त्रिपाठी

 

क्या फर्क पड़ता है कि कौन क्या कहता है?
फर्क पड़ता है कि मेरा जमीर क्या कहता है।
— मृत्युंजय त्रिपाठी